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Small Business: गांव में शुरू करें यह बिजनेस, हर महीने कमाएं ₹50,000 रूपये

गांव में रहने वाले बहुत से लोग यह सोचते हैं कि अच्छा पैसा सिर्फ शहर में ही कमाया जा सकता है, लेकिन सच्चाई यह है कि अगर सही काम चुना जाए तो गांव में रहकर भी हर महीने ₹50,000 रुपये तक कमाई की जा सकती है। गांव में जमीन, मेहनत करने की आदत, सस्ते संसाधन और आपसी सहयोग जैसी बहुत सी सुविधाएं पहले से मौजूद होती हैं। इन्हीं बातों का सही इस्तेमाल करके डेयरी फार्मिंग का बिजनेस शुरू किया जा सकता है, जो आज के समय में गांव का सबसे भरोसेमंद और चलने वाला छोटा बिजनेस माना जाता है।

गांव में डेयरी फार्मिंग क्यों है फायदेमंद बिजनेस

डेयरी फार्मिंग यानी दूध का काम गांव में पहले से ही जाना-पहचाना काम है। हर गांव में लोग गाय या भैंस पालते हैं, इसलिए इसके बारे में ज्यादा सीखने की जरूरत नहीं पड़ती। दूध की मांग हर जगह और हर दिन रहती है। गांव से शहर तक दूध आसानी से बेचा जा सकता है। इसके अलावा पशुओं का चारा गांव में आसानी से और कम दाम में मिल जाता है, जिससे खर्च कम रहता है और मुनाफा ज्यादा होता है।

कम पूंजी में कैसे शुरू करें यह काम

अगर आपके पास ज्यादा पैसे नहीं हैं, तब भी यह बिजनेस शुरू किया जा सकता है। शुरुआत में सिर्फ दो भैंस या गाय लेकर काम शुरू करें। एक अच्छी भैंस रोजाना 8 से 10 लीटर दूध दे देती है। अगर दो भैंस हों तो रोज लगभग 16 से 20 लीटर दूध मिल सकता है। गांव में दूध का भाव 40 से 50 रुपये प्रति लीटर तक मिल जाता है। इस तरह रोज की कमाई 700 से 900 रुपये तक हो सकती है। महीने के हिसाब से देखें तो 20,000 से 25,000 रुपये आराम से बन जाते हैं। जैसे-जैसे काम समझ में आने लगे, पशुओं की संख्या बढ़ाकर कमाई को ₹50,000 रुपये तक पहुंचाया जा सकता है।

दूध बेचने के साथ बढ़ाएं कमाई

डेयरी फार्मिंग की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें सिर्फ दूध बेचकर ही नहीं, बल्कि और भी तरीकों से पैसा कमाया जा सकता है। दूध से दही, मक्खन और घी बनाकर गांव या पास के बाजार में बेचा जा सकता है। घी की कीमत दूध से कई गुना ज्यादा होती है। इसके अलावा पशुओं का गोबर भी बेकार नहीं जाता। गोबर से खाद बनाकर खेतों में इस्तेमाल किया जा सकता है या बेचकर भी आमदनी की जा सकती है। इससे खर्च और कम हो जाता है और मुनाफा और बढ़ जाता है।

खर्च और कमाई का आसान हिसाब

शुरुआत में पशु खरीदने, चारे और छोटे-मोटे इंतजाम में खर्च आता है। एक भैंस की कीमत लगभग 60,000 से 80,000 रुपये तक हो सकती है। दो भैंस के लिए करीब 1.5 लाख रुपये की जरूरत पड़ सकती है। महीने का चारा और देखभाल का खर्च लगभग 6,000 से 8,000 रुपये आता है। अगर महीने में दूध से 40,000 से 50,000 रुपये की बिक्री हो रही है, तो खर्च निकालने के बाद भी अच्छा पैसा बच जाता है। यही कारण है कि यह बिजनेस गांव के लिए बहुत सही माना जाता है।

सरकारी मदद और लोन की सुविधा

सरकार भी डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाती है। बैंक से इस काम के लिए लोन मिल जाता है और कुछ योजनाओं में सब्सिडी भी दी जाती है। इससे गरीब और मध्यम परिवार के लोग भी आसानी से यह बिजनेस शुरू कर सकते हैं। गांव के पशु अस्पताल से समय-समय पर पशुओं का इलाज और टीकाकरण भी कराया जा सकता है, जिससे नुकसान का खतरा कम हो जाता है।

मेहनत और धैर्य से बनेगा मजबूत काम

डेयरी फार्मिंग में रोजाना थोड़ा समय देना जरूरी होता है। पशुओं को समय पर चारा देना, दूध निकालना और साफ-सफाई रखना बहुत जरूरी है। अगर यह काम ठीक से किया जाए तो यह बिजनेस सालों तक चलता है और परिवार की आमदनी का मजबूत साधन बन जाता है। गांव में रहकर सम्मान के साथ पैसा कमाने का यह एक अच्छा तरीका है।

नया डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। कमाई और खर्च व्यक्ति, जगह और बाजार भाव पर निर्भर करता है। बिजनेस शुरू करने से पहले अपने स्तर पर पूरी जानकारी जरूर लें और जरूरत हो तो विशेषज्ञ की सलाह भी लें।

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